Indian Snake Village Hindi Story : एक गांव जहाँ बच्चें खेलते है ज़हरीले सांपो से, खिलोनो की तरह

Indian Snake Village Story in Hindi : एक गांव जहाँ बच्चें खेलते है ज़हरीले सांपो से, खिलोनो की तरह – आमतौर पर सांप का नाम सुनते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसमें भी यदि‍ किंग कोबरा सामने आ जाए तो अच्‍छे-अच्‍छों के होश उड़ना स्‍वाभावि‍क है। दुनिया सांपों को खौफ का दूसरा नाम मानती है, लेकिन इलाहाबाद से 45 किलोमीटर दूर एक ऐसा गांव है, जहां सांप हर इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। घर में वो परिवार के सदस्य की तरह रहते हैं। बूढ़ा हो या बच्चा, यहां कोई भी सांप से नहीं डरता। बच्चों के लिए ये दिल बहलाने का खिलौना जैसे ही हैं। हैरानी की बात यह है कि आज तक इस गांव में सांप के काटने से किसी की मौत नहीं हुई है।
 Indian Snake Village Story in Hindi
शंकरगढ़ इलाके में बसे कपारी गांव को सपेरों का गांव कहा जाता है। यहां हर घर में सांप पाले जाते हैं। यहां रहने वाले लोग अपना परिवार चलाने के लिए इन्हीं के ऊपर निर्भर हैं। इस गांव में जिस घर में जितने सांप होंगे, उस घर का गांव में रुतबा उतना ही ऊंचा होगा। यहां बच्चे खिलौनों से नहीं, बल्कि सांपों से खेलकर अपना मन बहलाते हैं। बच्चे इन्हीं के साथ खेलते हुए बड़े होते हैं। कई बार तो खेल-खेल में बच्चे इन्हें अपने मुंह में भी डाल लेते हैं। इसके बावजूद सांप उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।
यह गांव सांपों और इंसान की दोस्ती की अनोखी मिसाल है। इनके बीच का रिश्ता भले ही सबकी समझ से परे हो, लेकिन इनके लिए यह सब कुछ हैं। डर की जगह सांपों के लिए उनके दिल में प्यार है। लोग उन्हें अपने बच्चों की तरह पालते हैं। यहां कोबरा, वाइपर, रेटल स्नैक और करैत जैसे बेहद जहरीले सांप भी घर में घूमते मिल जाएंगे। स्नेक स्पेशलिस्ट बताते हैं कि सांपों को किसी के छूने से ही अहसास हो जाता है कि पकड़ने वाला उन्हें कोई नुकसान पहुंचाएगा या नहीं।

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