‘गढ़ पहरा’ किले का रहस्य- इस किले में आज भी भटकती है एक नाटिन की आत्मा, पर क्यों?

Ghar Pahra fort story :  ये कहानी साजिश और धोखे की है। एक नटिन, जिसकी आत्मा आज भी पता नहीं किस बात के लिए दर-दर भटक रही है। नट भारत में करतब दिखाने वाली एक जाति होती है। कहते हैं कि आज से कई सौ साल पहले मध्य प्रदेश के सागर जिले में ‘गढ़ पहरा’ में खतरनाक करतब दिखाने के दौरान एक नटिन के साथ यहां की रानी ने धोखा किया था। इस धोखे की वजह से नटिन की मौत हो गई थी। नटिन की मौत के वियोग में नट की भी जान निकल गई थी। गढ़ पहरा किले को लोग भुतहा मानते हैं। यह पूरी तरह सुनसान है। यहां शाम के बाद लोग डर की वजह से अकेले नहीं जाते।
 Ghar Pahra fort story, Kahani in Hindi
यहां के लोगों का दावा है कि तब से लेकर आज तक नट-नटिन की आत्मा किले और महल के आस-पास घूमती रहती है। हालांकि, इतिहास में इस तरह का कोई लिखित साक्ष्य नहीं है। अलबत्ता, कुछ पुरानी मीडिया रिपोर्ट्स में जरूर इस बात का जिक्र किया गया है। यहां के कुछ लोग तो नट-नटिन की आत्मा द्वारा एक दर्दभरा गीत भी गाए जाने का दावा करते हैं। लोगों के मुताबिक उस गाने का बोल ‘गई रात अब पहर थोड़े…’ है।
Gadh pahera fort sagar history
ऐतिहासिक है ये जगह
नट और नटिन से जुड़ी किवदंती के मुताबिक किसी जमाने में यहां एक बूढ़े राजा का शासन था। बुंदेलखंड में पड़ने वाला ‘गढ़ पहरा’ उसकी राजधानी थी। उस दौरान राज्य में एक नट और नटिनी के खतरनाक करतबों और रस्सी पर चलने के दौरान उनके संतुलन की खूब चर्चाएं होती थी। राजा ने भी नटों का ये करतब देखने की इच्छा जताई। वैसे गढ़ पहरा जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्य भी हैं लेकिन, उसमें इस तरह के किसी कहानी की चर्चा नहीं है। ये जगह मराठों और मुगलों के दौर में मशहूर रियासतों में गिनी जाती थी।
 Mysterious Gadh Pehara Fort
दरबार में बुलाए गए थे नट
बूढ़े राजा की इच्छा के मुताबिक मंत्रियों ने नटों को राज दरबार पहुंचने का संदेशा भेजा। नट अपनी पत्नी के साथ राजा के दरबार पहुंचा। कहते हैं कि नट की पत्नी बहुत ख़ूबसूरत थी। दरबार में राजा ने नट से कहा – राज्य में तुम्हारे करतबों की काफी तारीफ़ हो रही है। मैं भी तुम्हारा एक हैरतअंगेज करतब देखना चाहता हूं। अगर सच में तुमने ऐसा करतब करके दिखाया तो पुरस्कार के रूप में आधा राज्य दे दिया जाएगा।
रस्सियों पर चलकर पार करनी थी खतरनाक खाई
बूढ़े राजा ने नट को जो करतब दिखाने के लिए कहा था, वह बहुत खतरनाक था। दरअसल, इस करतब में किले के ऊंचे परकोटे से लेकर दूसरी ओर पहाड़ों में एक रस्सी बांधी जानी थी। बीच रास्ते में गहरी और खतरनाक खाई थी। इस रस्सी पर चलकर नटिन को उस पार पहुंचना था।
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असमंजस में थे नट और नटिन
राजा की इस इच्छा पर नट और नटिन असमंजस में पड़ गए। पहले उन्होंने कभी इतना खतरनाक करतब नहीं किया था। इसे करने में उनकी जान भी जा सकती थी और अगर वे इनकार करते तो बूढ़ा राजा उनसे नाराज हो सकता था। वे राजा को भी नाराज नहीं करना चाहते थे। लिहाजा नटों ने करतब के लिए अपनी हामी दे दी। तुरंत ही राजा के आदेश पर करतब की तैयारी शुरू हो गई।
नटों ने दुख में बिताई थी आखिरी रात
उस रात नट ठीक से सो नहीं पाए। ये रात उनके जीवन की आखिरी रात साबित हुई। उन्होंने पूरी रात जागकर गाते हुए बिताई। उनकी आवाज बूढ़े राजा के महल तक पहुंच रही थी। कहते हैं कि गीत के बोल कुछ ‘गई रात और पहर थोड़े…’ थी। किवदंती के मुताबिक़ बूढ़े राजा का बेटा, उस रात अपने पिता की ह्त्या करना चाह रहा था। उसे राज्य की सत्ता का लालच था। यह भी कहते हैं कि उसी रात शादी नहीं होने से परेशान राजा की बेटी भी महल छोड़कर भागना चाहती थी, जबकि उसी रात राजा की पत्नी भी इस बात से दुखी थी कि करतब दिखाकर नट-नटिन उनका आधा राज्य ले लेंगे। नटिन के गाने को सुनकर राजा के बेटे ने अपना मन बदल लिया। उसने सोचा, अब बूढ़ा पिता कितने दिन जीवित रहेगा? जबकि, बेटी ने भी यह सोचकर अपना मन बदल लिया कि जैसे – इतना दिन बीत गया है, वैसे ही कुछ और दिन गुजर जाएंगे।
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धोखे में ले ली गई नटिन की जान
सुबह तय वक्त पर इस खतरनाक खेल को देखने के लिए हजारों की संख्या में राज्य की जनता उमड़ पड़ी। महल के परकोटे से दूसरे छोर तक ऊंचाई पर बंधी रस्सी देखकर ही लोगों को भय लगा था। राजा अपने महल की छत पर राज परिवार के साथ करतब देखने के लिए बैठा था। नट ने नगाड़े की थाप दी और रस्सी पर चलकर खाई पार करने का खतरनाक खेल शुरू हो गया। नटिन बांस की डंडी के सहारे रस्सी पर चलने लगी। कथा के मुताबिक रस्सी पर गजब का संतुलन दिखाते हुए नटिन कुछ ही देर में आधे रास्ते तक पहुंच गई थी। उसके ऐसा करते ही रानी की चिंताएं बढ़ने लगी। नटिन पर राजा की आसक्ति देखकर रानी को लगा कि आधा राज तो जाएगा ही, कहीं राजा नटिन से विवाह भी न कर ले। तभी रानी ने एक खतरनाक फैसला लिया। जिस रस्सी पर नटिन चल रही थी, रानी ने उसे कटवा दिया। नीचे चट्टानों पर गिरने से नटिन की मौत हो गई। जबकि नटिन के वियोग में नट ने भी नगाड़े पर थाप देते-देते अपनी जान दे दी।
तहस-नहस हो गया पूरा राज्य, लोगों को दिख चुकी है आत्मा
कहते हैं कि नट-नटिन की मौत के कुछ ही दिन बाद बूढ़े राजा का पूरा राज्य तहस-नहस हो गया। सागर में किले से सटे हाईवे पर रात के दौरान कई वाहन चालकों ने एक महिला को टहलते हुए देखने का दावा किया है। लोग मानते हैं कि ये उसी नटिन की आत्मा है, जिसकी जान रानी के धोखे में चली गई थी। कुछ लोगों ने किले के पास रात में दर्द भरे गीत भी सुनने का दावा किया है। वैसे, यहां प्रचलित दंतकथाओं में भी कहा जाता है कि नट-नटिन रात के दौरान रोज वही दुखभरा गीत गाते हैं, जो उन्होंने करतब से पहले रात में गाया था।

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