सेक्स पावर बढ़ाने के नाम पर करोड़ों में बिकता है रेड सैंड बोआ स्नेक, जानिए इससे जुडी रोचक जानकारी

Hindi Fatcs About Red Sand Boa Snake : आज हम आपको एक
ऐसे सांप के बारे रहे है जिसकी ब्लैक मार्किट में कीमत 2 से 3 करोड़ तक हो
सकती है। सुनहरा रंग और सुस्त रफ्तार वाले इस सांप को रेड सैंड बोआ के नाम
से जाना जाता है। इस सांप की ब्लैक मार्केट में कीमत बीएमडब्ल्यू एक्स 6 और
मर्सिडीज बेंड एस क्लास जैसी लग्जरी कारों से भी अधिक है। यही कारण है कि
भारतीय तस्करों में इस सांप की भारी डिमांड है। आइए जानते है इस सांप से
जुडी कुछ रोचक बातें-
Hindi Fatcs About Red Sand Boa Snake

1. चीन से लेकर गल्फ के देशों तक रेड सैंड बोआ का मांस खाने से होने वाले फायदों से संबंधित कई मिथ हैं।
2. रेड सैंड बोआ का चीन के पारंपरिक मेडिसिन में सेक्स
पावर बढ़ाने वाली दवा बनाने में होता है। इसके साथ ही लोग इसके मांस को भी
ताकत बढ़ाने के लिए खाते हैं।

3. खाड़ी के देश में मान्यता है कि इसे खाने से कठिन से कठिन बीमारी दूर हो जाती है और आदमी हमेशा जवान रहता है।

4. कुछ लोगों का मानना है कि विशेष तांत्रिक क्रिया के बाद इसे खाने से आदमी अलौकिक शक्तियों का मालिक बन जाता है।

5. यह भी मान्यता है कि इसके चमड़े में इरिडियम नामक तत्व पाया जाता है जो बहुमूल्य होता है।

6. लोगों की मान्यता है कि इसका मांस खाने से एड्स जैसी बीमारी से भी मुक्ति मिल जाती है।

7. भारत में इस सांप को धन के देवता कुबेर से जोड़कर
देखा जाता है, जिसके चलते इसके दर्शन को शुभ समझा जाता है। इसके साथ ही रेड
सैंड बोआ का इस्तेमाल तांत्रिक क्रिया में भी किया जाता है।

8. ब्लैक मार्केट में रेड सैंड बोआ की कीमत उसकी साइज़
और वजन के अनुसार तय होती है। तस्कर वजन बढ़ाने के लिए सांप को स्टील की
गोलियां तक खिला देते हैं।

9. तस्कर सपेरों से मामूली कीमत में सांप खरीदते है और
उसे नेपाल के रास्ते देश के बाहर पहुंचा देते हैं। चीन, दक्षिण-पूर्व,
एशियाई देशों एवं खाड़ी देशों तक इसकी तस्करी की जाती है।

10. 2-3 kg तक के सांप की कीमत करीब 3-5 करोड़ रूपए तक हो सकती है। कीमत ग्राहक की उपलब्धता के अनुसार कम-ज्यादा होती है।

11. रेड सैंड बोआ विषहीन और शर्मीला होता है। रात में
एक्टिव होने वाला यह सांप सुस्त रहता है, जिसके चलते लोग इसे आसानी से पकड़
लेते हैं।

12. इस सांप को बलुआही जमीन में रहना पसंद है। ये सांप ज्यादातर ज्यादातर खेतों में रहते हैं तथा चूहों का शिकार करते हैं।

13. रेड सैंड बोआ वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की
अनुसूची-4 का जीव है। इसके रखने, पकड़ने, मारने एवं व्यापार पर पूर्णतया
प्रतिबंध है।

14. शिकार के चलते यह सांप विलुप्त होने की कगार पर है। इसके संरक्षण के लिए ख़ास प्रयास नहीं हो रहे हैं। लोग
पैसे की लालच में इसे पकड़कर व्यापारियों को दे देते हैं।

15. कुछ लोग ग्रामीणों को सांप से बचाने की आड़ में इसे पकड़ते है और तस्करी करते हैं।

16. अंधविश्वास के चलते मारे जा रहे हैं सांप – वाइल्ड
लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अनुसार रेड सैंड बोआ का मांस खाने या इससे बनी
दवा से होने वाले फायदों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह सब सिर्फ
अंधविश्वास है और सबसे दुखद बात यह है कि अंधविश्वास के चलते ये सांप मारे
जा रहे हैं। आज सांप की यह प्रजाती विलुप्ती की कगार पर पहुंच गई है।

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