धरती पर कभी रहते थे दैत्याकार लोग ! ये खोजे करती है इस और इशारा।

हमेशा से ही यह मान्यता रही है कि इस धरती पर कभी दैत्याकार इंसानों का
अस्तित्व रहा हैं। लगभग सभी धर्मों के ग्रंथों में ऐसे विशालकाय मानवों की
कहानियां दर्ज हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जमीन के भीतर दबे कई ऐसे
जीवाश्म (फॉसिल्स) और कंकाल मिलते हैं, जो साबित करते हैं कि वास्तव में
ऐसे लोग धरती पर हुआ करते थे। दैत्याकार लोगों के बारे में ढेरों दावे हुए
हैं, हालांकि उनमें से कई बाद में फर्जी भी साबित हुए हैं। यहां हम आपको
कुछ ऐसी ही खोजो के बारे में बता रहे है जो हमे दैत्याकार इंसानों के
अस्तित्व के बारे में सोचने पर मजबूर करती है।
 

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मार्च 2012 में एक 15 इंच की इंसानी उंगली की तस्वीरें चर्चा में आई
थीं। हालांकि ममी के रूप में मिली यह उंगली अब कहां है और किसके पास है, यह
अभी तक रहस्य है। इस उंगली के बारे में सबसे पहले एक जर्मन वेबसाइट में
खबर छपी थी। उसके अनुसार यह तस्वीर ग्रेगोर स्पोरी ने 1988 में मिस्र में
खींची थी। तब कब्रों और पिरामिडों से चोरी करने वाले एक शख्स ने उन्हें यह
उंगली दिखाई थी। इसकी तस्वीर लेने के उन्हें 300 डॉलर देने पड़े थे। कुछ
बरस बाद जब वे उस शख्स को खोजने गए, तो वह उन्हें नहीं मिला।

10 फीट ऊंचा रहा होगा वह इंसान


2008 में जॉर्जिया के कॉकेशस माउंटेन से कुछ बड़ी-बड़ी हड्डियां मिली थीं।
इसके आकार के आधार पर अनुमान लगाया गया कि अगर ये किसी इंसान की हैं, तो वह
8 से 10 फीट ऊंचा रहा होगा। एक प्रतिष्ठित साइंटिस्ट प्रोफेसर वेकुआ इन पर
शोध कर रहे थे, लेकिन अचानक उनकी मौत हो गई। उसके बाद ये हड्डियां भी
म्यूजियम से गायब हो गईं।

बड़े पैरों वाला दानव जैसा मानव


दुनियाभर में कई जगहों पर चट्टानों के रूप में बड़े-बड़े फुटप्रिंट्स मिले
हैं। बहुत सारे लोग इन्हें विशालकाय आदिमानवों का ठोस प्रमाण मानते हैं।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि कार्बन डेटिंग के आधार पर इनमें से कई की
उम्र लाखों साल पुरानी बताई जाती है। अगर यह सच होगा, तो फिर दुनिया में
इंसान का इतिहास फिर से लिखना पड़ेगा। ऐसे बड़े-बड़े पैरों में सबसे फेमस
है दक्षिण अफ्रीका में मिला गोलियथ्स फुटप्रिंट। स्वाजीलैंड के बॉर्डर पर
स्थित म्पलुजी टाउन में मिला यह फुटप्रिंट करीब 4 फुट लंबा है। इसे 20
करोड़ साल पुराना भी बताया जाता है। साइंस की अब तक की जानकारी के अनुसार
तब तक धरती पर इंसान नहीं थे। ऐसा ही अन्य फॉसिल्स फुटप्रिंट कैलिफोर्निया
की पहाड़ी पर 1926 में मिला था। यह 5 फुट लंबा था। मैक्सिको, रूस जैसे
देशों में भी ऐसे बड़े-बड़े पैरों के निशान मिले हैं।

ये आदिवासी डरते थे दैत्य मानवों से


अमेरिका के नेवादा राज्य में है लवलॉक केव इलाका। यहां 1911 में दो भाइयों
ने खदान का काम शुरू किया था। लेकिन जल्द ही उन्हें पता चल गया कि यह एक
प्रागैतिहासिक साइट है। इसके बाद विशेषज्ञों ने यहां खुदाई शुरू की। इस
इलाके में 1929 तक कई बार खुदाई की गई। इसमें कई सामान्य कद-काठी के लोगों
के कंकाल और उनके द्वारा बनाई गई चीजें मिलीं। इसके साथ गुफा की दीवार पर
एक बहुत बड़े हाथ के पंजे की छाप और 15 इंच से अधिक लंबी सैंडल भी मिली।
अनुमान लगाया गया कि ये लोग 8-10 फुट लंबे रहे होंगे। फैक्ट यह भी है कि इस
इलाके में रहने वाले लोगों के बीच भी दैत्याकार लोगों को लेकर कई कहानियां
प्रचलित थीं, जिनसे वे डरते थे।

यह बुत है या असली इंसान का फॉसिल?


सारडिनिया के दक्षिण-पश्चिम रीजन में खोजबीन कर रहे आर्कियोलॉजिस्ट को 2014
में यह विशालकाय बुत जैसा फॉसिल्स मिला था। इसे ब्रॉन्ज एज का बताया जाता
है। इस इलाके में 1970 के दशक में एक प्राचीन सभ्यता की खोज हुई थी।

एशिया से अमेरिका गए थे विशालकाय लोग


1909 में एरिजोना गजेट में खबर छपी थी कि एक्सप्लोरर जीई किनकैड को
कोलोरैडो नदी के किनारे-किनारे पुरानी इंसानी बसाहट के कई अवशेष मिले हैं।
सबसे हैरानी वाली बात यह थी कि इनमें 9-10 फुट की कई ममीज़ भी थीं। कुछ
विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि ये वे लोग थे, जो हजारों साल पहले एशिया से
माइग्रेट होकर वर्तमान अमेरिका के उस इलाके में पहुंचे थे। बाद में किनकैड
ने यह कहकर तहलका मचा दिया कि अमेरिकी सरकार ने उस जगह को अपने कब्जे में
ले लिया है, ताकि आम लोग उसके बारे में ज्यादा न जान पाएं।

25 फीट लंबे आदमी की हड्डी


1964 में इक्वाडोर में एक पादरी, फादर कार्लोस वाका को स्थानीय लोगों ने
बताया कि उन्हें बहुत बड़ी हड्डी मिली है। यह हड्डी फादर ने अपने पास रख
ली, जो उनकी मौत तक उनके घर में ही रही। बाद में रिसर्चर क्लॉस डोना उसे
अपने साथ ऑस्ट्रिया ले गए। उनका कहना था कि अगर यह इंसानी बोन है (जैसा कि
बहुत सारे एक्सपर्ट कहते थे), तो फिर वह इंसान 25 फुट लंबा रहा होगा। इसके
अलावा बुल्गारिया, विस्कॉन्सिन, डेथ वैली जैसी जगहों पर से भी विशालकाय
कंकाल और हड्डियां मिली थीं।

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